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पुराना लकवा का इलाज-paralysis treatment in ayurveda

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 पुराना लकवा का इलाज-paralysis treatment in ayurveda


लकवा पक्षाघात होने पर रोगी का आधा शरीर संवेदनहीन हो जाता है, पेट में अधिक गैस बनने लग जाती है, मस्तिष्क पर वायु का दबाव हाने लग जाता है औऱ तो और ह्रदय पर वायु का दबाव बढ़ने के कारण शरीर पर वायु का झटका भी लगना शुरू हो जाता है। इसी के परिणाम स्वरूप व्य़क्ति लकवे का शिकार हो जाता है। 

स्नायु शिथिल हो जाते है, शरीर का आधा भाग टेढा  हो जाता है। उस भाग में शुन्नता रहती है और छुने पर कोई संवेदनता नही नजर आती, दिमाग भी काम करना बंद कर देता है, तो चलिए अब जानते है लकवा को ठीक करने के कुछ घरेलू नुस्के।

पुराना लकवा का इलाज-paralysis treatment in ayurveda
पुराना लकवा का इलाज-paralysis treatment in ayurveda

paralysis treatment in ayurveda

  1. सौंठ और उड़द उबालकर उसका पानी पीने से लकवे पर काफी लाभ मिलेगा।
  2. 250 मीली गाय के दूध में 8 से 10 लहसुन की कलियाँ डालकर उबाले तथा गाढ़ा होने के बाद रोगी गो पिलाए इससे लकवा की बीमारी जल्दी ठीक हो जाएगी।
  3. एक चम्मच कपास की जड़ का चूर्ण शहद में मिलकर चाटने से लाभ मिलेगा।
  4. राई और अकरकरा को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बनाए तथा उसे शहद में मिला कर पेस्ट बना कर दिन में 3 बार जीभ पर मले लकवे की शिकायत दूर हो जाएगी।
  5. उड़द और हींग और सेंधा नमक और एरंड का जड़ और कौंच के बीज और थोड़ा सा शहद सभी को बराबर मात्रा में मिलकार काढ़ा बना लेना है और इसे रोगी को पिलाना है लकवे से जल्द राहत मिल जाएगी।
  6. लगसुन की 5 से 6 कच्ची कलियाँ पीसकर शहद में मिलाकर खाने से आराम मिलेगा।
  7. सन के बीजो का चूर्ण शहद में मिलाकर रोगी को चटाने से लाभ होगा।
  8. 250 ग्राम सरसों के तेल में थोड़ी से काली मिर्च पीसकर डाले और इससे मालिश करे जल्द लकवे से आराम मिलेगा।
  9. तुलसी के 8 से 10 पत्ते सेंधा नमक और दही की चटनी बनाकर वकवे के स्थान पर लेप लगाने से आराम मिलेगा।
  10. कुचले के पत्ते और सौंठ और संभार का सींग यह तीनो को बराबर मात्रा में मिलाकर पानी के साथ पीए और साथ ही साथ लकवे के स्थान पर लगाये जल्द राहत मिलेगी।

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