शनिवार, 7 मार्च 2020

Essay on Environment in Hindi | पर्यावरण पर निबंध हिन्दी में


Essay on Environment in Hindi | Paryavaran in Hindi Essay पर्यावरण पर निबंध हिन्दी में 

Essay on Environment in Hindi | Paryavaran in Hindi Essay पर्यावरण पर निबंध

Essay on Environment in Hindi-Paryavaran in Hindi Essay पर्यावरण पर निबंध


1-प्रस्तावना (Introduction)


इस प्रकार से हम कह सकते है कि पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को हम नजरअदाज नहीं कर सकते हैं। हमें यह बात कभी नही भूलनी चाहिये कि पर्यावरण के घटको को नष्ट करके या असन्तुलित करके पृथ्वी पर हमारा जीवित रहना मुश्किल ही नही नामुम्किन है असंभव सा है।

हमें सिर्फ इस बात का ही ध्यान नही रखना है कि पर्यावरण का संरक्षण करें बल्कि पर्यावरण के विभिन्न घटको का पुनर्जनन भी जरूरी हैं ताकि पर्यावरण की
क्षति पूर्ति की जा सके। 

गांधी जी के अनुसार- 

प्रकृति मे सभी की आवश्यकताओं की पूर्ति करने की क्षमता है,

परन्तु किसी एक के लालच की नही आवश्यकता इस बात की है कि हम ये समझे कि हमें प्रकृति से कितना लेना चाहिये जिससे उसका अनावश्यक दोहन शोषण न हो पाये 

क्योंकि हम इस तथ्य से पूरी तरह से परिचित हो गये है कि प्रकृति में यह शक्ति है कि जो भी अव्यवस्था या असन्तुलन उसमें होता है उसकी भरपायी प्रकृति खुद ही कर लेती है।

2-(Paryavaran Sanrakshan Essay in Hindi)


प्रकृति ने जीवन-यापन करने के लिए हमें प्राकृतिक संसाधनों के रूप में जल, वायु, मृदा, वनस्पति एवं ऊर्जा इन्यादि के रूप में अमूल्य उपहार दिये है जिन्हें दैनिक जीवन में उपयोग करने के साथ साथ बावी पीढ़ी के लये सँभाल कर रखना ही संरक्षण कहलाता है। 

सरंक्षण शब्द का उद्मभव लैटिन भाषा के Conservation से हुआ था। इस शब्द का प्रतिपादन सन् 1908 में शीफर्ड पिनचोट द्वारा किया गया था जो ब्रिटेन के निवासी थे। इन्हें हमारे  देश भारत के प्राकृतिक स्त्रोतों की सुरक्षा एवं देखभाल हेतु ब्रिटिश अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था।

वस्तुतः प्राकृतिक पर्यावर्ण का रख रखाव उसकी सुरक्षा, उसका उपयोग एवं उसका पुनर्जनन पुऩः भण्डारण इत्यादि का अभ्यास संरक्षण कहलाता है। इसके मुख्यतः निम्न उद्देश्य है पर्यावरण की गुणवत्ता बनाये रखना तथा उपयोग व पुनः उत्पादन के बीच सन्तुलन बनाए रखना। आइये हम पर्यावर्णीय संरक्षण के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करें।

3-पर्यावर्णीय संरक्षण का अर्थ एवं अवधारण (Meaning and Concept of Environmental Conservations) Paryavaran Sanrakshan Nibandh in Hindi



Paryavaran Sanrakshan Diwas पर्यावरण संरक्षण दिवस हर वर्ष 26 नवम्बर के दिन मनाया जाता है तथा Paryavaran Divas Kab manaya jata hai तो जान लिजिए हर वर्ष 5 जून को मनाया जाता है प्रथम विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 1974 को मनाया गया था। 

संरक्षण शब्द को अंग्रेजी में Conservation कहा जाता है जो लैटिन भाषा के Con अर्थात् Together साथ तथा Servare अर्थात् Guard रक्षा से मिलकर बना है जिसका अर्थ सुरक्षा या संरक्षण होता है। अगर हिन्दी भाषा के शब्द सुरक्षा की चर्चा की जायें तो यहाँ सुरक्षा से आशय है जिसकी उचित प्रकार से रक्षा की जाये। 

संरक्षण का अर्थ भी यही है जिसकी रक्षा की जाए या उचित निगरानी में रखा जाए ताकि सम्बन्धित व्यक्ति या वस्तु को कोई हानि न हो और उसका अस्तित्व बना रहे। यही पर्यावरणीय संरक्षण की मूल अवधारणा है। 

पर्यावरणीय संरक्षण का आशय हैं कि पर्यावरण के विभिन्न घटकों जैसे उसके अजैविक घटक भूमि, जल वायु तथा जैविक घटकों जैसे पेड़ पौधे वनस्पति और जीव जन्तु जिसमें हम मानव भी सम्मिलित है, इसकी सुरक्षा किस प्रकार से हो ताकि सभी का अस्तित्व बरकरार रहे।

पर्यावरण संरक्षण हम मनुष्यों द्वारा किया जाने वाला वह प्रयास है जिसके द्वारा हम जिस पर्यावरण में जीते है उनका विवेकपूर्ण उपयोग एवं विवेकपूर्ण शोषण परिक्षण और पुनर्जनन किया जा सकता हैं।

किन्हीं भी संसाधनों का संरक्षण करने का अर्थ यह नहीं होता है कि हम उसका उपयोंग नहीं करे बल्कि उसका विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करें  ताकि हम वर्तमान में तो उपयोग करें ही अपितु भविष्य में भी उसके उपयोग के लिए आश्वस्त हो पाये। 

आइये हम निम्न परिभाषा के जरिए संरक्षण को समझने का प्रयास करते हैं।

4-Paryavaran Ki Paribhasha Hindi mai


1- ‘संरक्षण वर्तमान पीढ़ी का भावी पीढ़ी के लिए त्याग है (ऐली)

2- ‘अच्छे संरक्षण का आश्य किसी संसाधन के ऐसे उपयोग से है जिससे मानव 

जाति की आवश्यकताओं की पूर्ति सर्वोत्तम ढंग से हो पाये (मैकनाक)
इस प्रकार से हम कह सकते है कि संरक्षण का मुख्य लक्ष्य है पर्यावरण के विभिन्न घटकों का उचित उपयोग एवं उसकी देखभाल ताकि हमारा भविष्य बना रहे Save Environment Save Life न सिर्फ हमारी पीढ़ी बल्कि आने वाली हर पीढ़ी सुखी रहे और सुरक्षित रहें।

5-पर्यारणीय संरक्षण का क्षेत्र


हम सभी इस तथ्य से भली भाँति परिचित ही है कि पर्यावरण दो शब्दों से मिलकर बना है। परि + आवरण जिसमें परि का अर्थ है चारो तरफ से और आवरण का अर्थ है ढका हुआ हमारे सभीच तरफ जो कुछ भी है जिसमें हम घिरे हुए है वो सब पर्यावरण कहलाता हैं।

अंग्रेजी में पर्यावरण को Environment कहा जाता है जिसका अर्थ होता है Neighbourhood अर्थात पास पड़ोस। इस प्रकार से हम निष्कर्ष रूप से कह सकते हैं कि पर्यावरण वातावरण उसे कहते है जो हमारे आस पास उपस्थित है जैसै कि हमारा घर, हमारा विघालय ऑफिस महाविघालय, मोहल्ला, गाँव, शहस, पड़ोसी, सगे, सम्बन्धी, मित्र या अन्य मनुष्य, अन्य जीव जन्तु, वन वनस्पतियाँ, खेत, पर्वत, वायु, मैदान, जल, स्थल, समस्त प्राकृतिक परिस्थितियाँ जो हमे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं।

अन्य शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि हमारे जीवन और हमारे विकास की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले समस्त बाहरी और आन्तरिक परिस्थियों व घटनाओं का समूह पर्यावरण के दायरे मे आता हैं। हम जानते ही है कि अच्छें पर्यावरण के अभाव में हमारा और हमारे व्यक्तित्व का उचित औऱ सन्तुलित विकास नहीं होता है।

इसके अभाव में सुखद जीवन की कल्पना भी नहीं कि जा सकती है। अच्छें पर्यावरण की संकल्पना का आशय उन सारी परिस्थितियों से है जिसमें हमारी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके और हम सुखमय जीवन बिता सकें। इसेक लिए जरूरी है कि हम पर्यावरण के समस्त घटको का संरक्षण करें चाहे वह जैविक घटक हो या फिर अजैविक घटक ही क्यों ना हों।

6-पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र | Environmental Protection Areas


1-    भौतिक व अजैविक घटक- भूमि, जल, ऊर्जा, वायु
2-    वनस्पति जगत् एवं प्राणी जगत्

उपर्युक्त जैविक और अजैविक घटक को सम्मिलित रूप से हम प्राकृतिक संसाधनों का नाम दे सकते है जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक ही नहीं अनिवार्य भी है, उनका संरक्षण करना जरूरी हैं।

7-पर्यावरणीय संरक्षण और पुनर्जनन की आवस्यकताए | The need for environmental protection and regeneration


इसके पहले हम पर्यावरण संरक्षण के अर्थ एवं परिभाषा को समझ चुके हैं आइये अभी हम पर्यावरणीय पुनर्जनन के बारे में समझने का प्रयास करते हैं।

प्रजनन जीवधारियों का एक गुण है जिसके द्वारा वे अपने वंश को बनाए रखते हैं। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीव अपने समान जीव को बनाता है और अपना वंश बढ़ाता है। 

यह दो प्रकार के होते हैं।

1-    लैंगिक जनन

2-    अलैंगिक जनन

पुनर्जनन व पुनरोत्पादन अलैंगिक जनन की एक विधि है जिसके द्वारा जीव जन्तु एवं वनस्पति अपने नष्ट हुए भाग को पुनः बना लेते है।

8-पर्यावरणीय संरक्षण एवं पुनर्जनन की आवश्यकता | The need for environmental protection and regeneration


1-    प्रकृति के विभिन्न घटकों में सामंजस्य तथा सन्तुलन के लिए।
2-    हमारे अस्तित्व को सुरक्षित करने के लिए
3-    संसाधनों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए
4-    हमे सुखी तथा स्वस्थ जीवन प्रदान करने के लिए
5-    संसाधनों के अपव्यय दुरुपयोंग पर रोक लगाने के लिए
6-    संसाधनों का पुनः उपयोग करने के लिए
7-    मानव की विभिन्न प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए।

9-कारण व Paryavaran Sanrakshan Ke Upay | paryavaran bachao in hindi


1-    वनों को नष्ट करने से
2-    जानवरों का शिकार करने से
3-    अनियंत्रित खनन करने से
4-    विभिन्न प्रकार के प्रदूषण को बढ़ावा देने से, संसाधनों के अविवेकपूर्ण शोषण

प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग के मूल सिद्धान्त

1-    इसका उपयोग ऐसे किया जाना चाहिये ताकि हमारे पर्यावरण प्रदूषित न होने पाये।

2-    पुनर्जीवित होने वाले सभी संसाधनों का उपयोग ऐसे किया जाना चाहिए जिससे उनके पुनः उत्पन्न व उनके पुनर्जनन की सम्भावना बनी रहे। इन संसाधनों में प्रजनन का गुण पाया जाता हैं इसका पुनर्जनन किया जा सकता है जैसे वन, जीव जन्तु, स्थल, घास कृषि आदि।


10-परीक्षापयोगी पर्यावरण पर कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न | Paryavaran Objective Question in Hindi |  Gk Questions Related to Environment in Hindi


प्रश्न-1- निम्नलिखित में से कौन वायु प्रदूषण का एक उदाहरण है?

A- धुआँ एवं कुहासा
B- वाहनों से निकलने वाली गैस
C- जलती लकड़ी के चारकोल से निकली गैस
D- सभी

उत्तर- D

प्रश्न-2- अम्लीय वर्षा से ऐतिहासिक इमारतों तथा मूर्तियों का संक्षारित क्षरण होना कहलाता हैं?

A- ड्राई डिपॉडिशन
B- स्टोन लेप्रोसी
C- ऐरोसॉल
D- कोई नही

उत्तर- B

प्रश्न-3- कौन सा वायुण्डलीय प्रदूषक अम्लीय वर्षा का मुख्य कारक हैं?

A- SO2
B- H2S
C- HCI
D- N2

उत्तर- A

प्रश्न-4- वायु प्रदूषण का कौन सा स्त्रोत नहीं है?

A- वाहन
B- उघोग
C- ठोस अपशिष्ट
D- धूल के कण

उत्तर- C

प्रश्न-5- स्मॉग (धुँध) बनता है?

A- धुएँ तथा कोहरे से
B- वाष्प के सघनन से
C- कोहरा तथा NO2 से
D- धुएँ तथा CO2 से

उत्तर- A

प्रश्न-6- हमारे पर्यावरण को बचाने के लिए तीन प्रकार के R है?

A-   कम उपयोग, पुनः संरचना चक्रण संरचना, पुनः निर्माण
B-    पुनः उपयोग, पुनः चक्रण, पुनः निर्माण
C-    कम उपयोग, पुनः चक्रण और पुनः उपयोग
D-   कम उपयोग, पुनः चक्रण और पुनः संरचना

उत्तर- A

प्रश्न-7- संरक्षण या विनाश पुस्तक के लेखक हैं?

A-   सरला बहन
B-    वन्दना शिवा
C-    जिम कार्बेट
D-   रस्किन बॉंण्ड

उत्तर- A

प्रश्न-8- इनमें से किस पर्यावरणविद् को जल पुरूष के नाम से जाना जाता हैं?

A-   सुन्दरलाल बहुगुणा
B-    राजेन्द्र सिंह
C-    बी वेकटेश्वरलू
D-   सलीम अली

उत्तर- B

प्रश्न-9- पर्यावरण के अन्तर्गत आते हैं?

A- पेड़ पौधे, जीव जन्तु
B- रिश्ते नाते, संस्कृति
C- मकान सड़क पूजा स्थल
D—सभी

उत्तर- D

प्रश्न-10- इनमें से कौन मानव पर्यावरण का क घटक नहीं हैं?

A—भूम
B—धर्म
C— समुदाय
D—परिवार

उत्तर- B

प्रश्न-11- सामाजिक वानिकी का उद्देश्य क्या है?

A—पर्यावरण सामाजिक व ग्रामीण विकास में मदद के उद्देश्य से वनों का प्रबन्ध
B—ग्रामीण क्षेत्रों में चकबन्दी   
C—वन्य प्राणियों का संरक्षण
D—चरगाहों का विकास

उत्तर- A



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