शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

English सिखने का तरीका हिन्दी में- English Speaking Course 2020

English सिखने का तरीका हिन्दी में- English Speaking Course 2020/ English Sikhne ka Tarika in Hindi/ English Padhne ka Saral Tarika


English Padhne Ka Sabse Aasan Tarika

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English Padhne Ka Sabse Aasan Tarika

आप अंग्रेजी बोल सकते है / E
nglish Padhne Ka Aasan Tarika/ E
nglish Padhne Ka Sabse Aasan Tarika



और कौई भी बोल सकता हैं- कोई भी लेकिन फिलहाल सवाल किसी और का नही हैं,आपका ही हैं, सिर्फ आपका, इसलिए मैनें कहा कि आप बोल सकते हैं.


यह पोस्ट और किसी भी पोस्ट से बिल्कुल अलग हैं, अगर आप इस पोस्ट को पढ़ रहे हैं तो आपका अब अंग्रेजी बोलन मुश्किल नहीं हैं.


अंग्रेजी बोल सकने के लिए आपका नाम क्या हैं,आप कहाँ के रहने वाले हैं,आपकी शिक्षा, आपकी उम्र,आपका वजन,आपकी लंबाई इसका कोई संबंध नहीं हैं, 


अब सिर्फ एक ही बात निश्चित है और वह यह हैं कि आप अंग्रेजी बोलेंगे और बोलगें ही.



यह पोस्ट इसलिए हैं कि आप अंग्रेजी बोलें, अंग्रेजी बोलना कितना आसान हैं यह तो आगे स्पष्ट होगा ही,

लेकिन एक बात जो इस वक्त स्पष्ट हैं वह हैं कि यह अंग्रेजी में बात करने से अब आपको कोई नही रोक सकता हैं.



क्या आप हमारे साथ इस राह पर चलने के लिए तैयार हैं मुझे यह पूछने की जरूरत महसूस नहीं होती कि क्या आप इस मार्ग पर चलने के लिए तैयार हैं, 


और ना ही यह बताने की कोई आवश्यकता हैं कि आप इस मार्ग पर चलें. आपका इस पोस्ट पर आना ही यह सबूत है कि आप तैयार हैं.



तो अब चलने में देर नहीं  करनी चाहिए,  अंग्रेजी सीखना कितना आसान है यह थोड़े ही समय में आप जान जाएंगे, 


मगर उससे पहले एक बात जानना जरूरी हैं वह यह है कि आपको अभी कितनी अंग्रेजी आती हैं तो चलिए पहले यह जान लें.


आप कितनी अंग्रेजी जानते हैं



आपको अभी कतनी अंग्रेजी आती हैं यह महत्वपूर्ण नहीं हैं, 


लेकिन अंग्रेजी सीखना शुरू करने से पहले यह जानना महत्वपूर्ण है कि आपका अंग्रेजी का वर्तमान ज्ञान कितना है, 

ताकि आप इस पोस्ट में जैसे जैसे आगे जाएंगे आपको अपनी प्रगति समझना आसान होगा.



इसके लिए अब आपको एक छोटी सी टेस्ट देनी हैं 10 प्रश्नों की.


यह बहुत ही सरल टेस्ट हैं, प्रश्न आराम से हल कीजिए,किसी भी प्रश्न का उत्तर गलत हो जाए तब भी कोई फर्क नही पड़ेगा,


सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए, सभी उत्तर पोस्ट के अन्त में आपको दिख जाएगें लेकिन उत्तर देखने की जल्दबाजी मत कीजिए,

सभी प्रश्न मन लगा कर हल करने के बाद ही उत्तर देखिएगा.


टेस्ट


नीचे दिए गए शब्दों के स्पेलिंग लिखिए. आपने कॉपी में


  • क्यू (पंक्ति)
  • वुलन (ऊनी)
  • ग्रँमर (व्याकरण)
  • बुके (पुष्पगुच्छ)
  • डिस्पेअर (निराशा)



नीचे दिए वाक्यों का अंग्रेजी में अनुवाद करें



  • आपका जन्म कब हुआ
  • यह कैसे करना चाहिए था
  • आपकी मदद के बिना यह नहीं किया जा सकता था
  • आपकी मदद के बिना मैं यह नही कर सकता था
  • आप क्या करते हैं



अगर आपने सभी प्रश्नों के उत्तर दे दिए हैं तो अब उन्हें  जाँचना शुरू कीजिए,


उत्तर आपको पोस्ट के अंत में दिख जाएगें उत्तर जाँचते वक्त हर सही उत्तर को एक अंक दीजिए,उत्तर अगर गलत हो तो शून्य अंग दीजिए.





सूचना- यदि उत्तर थोड़ सागलत हो तो उसे सुधार कर अंक देने की जरूरत नही, 

क्योंकि इस तरह के अंक बढ़ा कर हमें किसी को अंक नही बताने हैं कोई हमसे पूछने वाला नही हैं, सिर्फ हमें खुद ही देखना हैं, 

इसलिए सही हो तो सही और गलत हो तो गलत, इस तरह शीघ्रता से निपटा लीजिए.



जाँच पूरी होने पर..............



अब आखिरी औपचारिकता, दस में से प्राप्त अंक गिनिए और कुल प्राप्त अंक के सामने लिख दीजिए, 


आपको कितने अंक मिले यह महत्वपूर्ण नही हैं, पर आप कितनी स्पष्टता से संख्या लिखते हैं यह महत्वपूर्ण हैं.



तो इस तरह जाँच पूरी हुई. आपने अंक भी गिने कुल 10 अंको की टेस्ट थी आपको इसमें शायद 10 में से 10 अंक मिले हो

या 1 मिले हो या 2,3,4,5,6,7,8,9 अंक मिले हो 

या हो सकता हैं एक अंक मिला हो या यह भी हो सकता हैं मिले अंको का योग शून्य हो.



और यदि संयोग से किसी को शून्य अंक मिले हों तो अच्छा न  लगना स्वाभाविक हैं, 

इसलिए एक बात मैं बताना चाहूंगी कि शून्य मिलने पर अच्छा  न लगने जैसा कुछ भी नहीं हैं, बल्कि यह तो खुशी की बात हैं.



अब जब मैनें  कहा कि शून्य अंक मिलना खुशी की बात हैं, तो उसमें आनंददायक क्या है यह बताना भी जरूरी हैं.


आनंनदायक बात यह हैं कि अगर किसी को दस में से दस अंक मिलतेहैं तो सका अर्थ है कि वह सबसे ऊपर हैं, 


इसी प्रकार अगर किसी को शून्य अंक मिलते हैं तो इसका मतलब हुआ कि वह सबसे नीचे हैं, और नीचे रहना, ऊपर रहने से कभी भी सुरक्षित हैं, 


क्योंकी नीचे रहने पर गिरने का डर नहीं होता नीचे से इन्सान और कहाँ गिरेगा आप ही सोचिए ?


वैसे भी शुरूआत कभी भी शून्य से ही होती हैं, 


इसलिए शून्य पर रहना अनुचित नही हैं, तो अब शून्य से दस पर कैसे जाएँ और वहाँ पहुँचने के बाद कैसे नहीं गिरें, यह देखना अब हम शुरू करेंगे-


अंग्रेजी भाषा हैं



यह पोस्ट आपको जो चाहिए बिलकुल वही देने वाली पोस्ट हैं, यह विषय से भटकनेली पोस्ट नहीं है


इसमें बेमतलब आपको कुछ भी नही मिलेगा, यह सिध्यदांतनिष्ठ पोस्ट हैं, इसलिए यह पोस्ट किस सिध्दांत पर आधारित हैं, 



यह सबसे पहले आपके सामने स्पष्ट होना जरूरी है, वह इस अध्याय में स्पष्ट हो जाएगा, इसे आप नजर अंदाज नही कर सकतें, 


इसलिए पढ़िए- लेकिन सिर्फ पढ़े नही बल्कि पढ़ते वक्त बोलिए, पूछिए, आपके प्रश्नों के उत्तर देने वाली और आप से बात करने वाली यह पोस्ट हैं.



तो अब बात करने की शुरूआत करते हैं एक प्रश्न से अंग्रेजी भाषा हैं, तो हमें पहले से ही मालूम है, 


अब प्रश्न यह  है कि भाषा हैं? भाषा की हमको क्या जरूरत हैं?



इस सवाल का जवाब आपको पता है किसी भी हालत में यह आपको मालूम हैं अगर आप शब्दों में ना बता पाँए तो भी इसका जवाब आप जानते हैं, 


किसी भी तरीके से आप जवाब दें तब भी आपका गलत नही हो सकता, 


क्योंकि भाषा का प्रयोग आप खुद प्रतिदिन करते हैं, आपके मन में क्या है, यह बताने के लिए आप भाषा का प्रोयग करते हैं, 



अपने विचारो को आप भाषा के जरिए व्यक्त करते हैं, अर्थात हमारे मन में जो कुछ भी है, उसे व्यक्त करने के लिए हम भाषा का प्रयोग करते हैं, 


और हमारे मन में जो कुछ हैं, उसे हमारे विचार मानकर यदि हम भाषा की परिभाषा इस प्रकार करें तो गलत नहीं होगा......


भाषा विचार व्यक्त करने का माध्यम हैं



अब अगला सवाल............


हम अपने विचार किस तरह व्यक्त करते हैं? विचार व्यक्त करते वक्त हम क्या करते हैं,





आपको पता हैं, हम बोल कर या लिख कर अपने विचार वयक्त करते हैं,

और जब हम बोलते या लिखते हैं तब हम शब्दों का प्रयोग करते हैं शब्दों के बिना बोलना या लिखना असंभव है, 


परंतु सही लिखने और बोलने के लिए सिर्फ शब्द काफी नही हैं, 

केवल शब्दों के आने से वाक्य नहीं आएगा, सही वाक्य आने के लिए एक और चीज की आवश्यकता हैं एक वाक्य देखिए- यह मेरी पोस्ट हैं......



इस वाक्य का अंग्रेजी में अनुवाद करने के लिए दो बातों की आवश्यकता हैं, पहली बात इस वाक्य के प्रत्येक शब्द का हमें अंग्रेजी में अर्थ मालूम होना चाहिए, 


शब्दों का अर्थ मालूम होने की पहली शर्त हम पूरी कर सकते हैं या नहीं यह हम पहले देखेंगे.........



यह अर्थात् This मेरी का अर्थ होता हैं my पोस्ट के लिए post और हैं के लिए is इस वाक्य के हर शब्द का अर्थ हमें मालूम हैं- this my post is परंतु this my post is यह वाक्य सही नही हैं सही वाक्य क्या हैं आपको पता हैं सही वाक्य हैं- this is my post...



अब this my post is  और this is my post इन दोनों वाक्यों में शब्द वही हैं, शब्दों की संख्या वही उतनी ही हैं, फिर भी this my post is वाक्य गलत है क्योंकि this is my post is इस वाक्य मे शब्दों का क्रम गलत हैं, यह शब्दों की रचना सही नही हैं....



ऐसा भी कहा जा सकता हैं या वाक्यरचना गलता ऐसा कहिए कुछ भी कहिए, अर्थ एक ही है 

तो वाक्य सही होने के लिए शब्दों के अलावा दूसरी किस चीज की जरूरत हैं 

यह आपकी समझर में आ गया होगा, वह दूसरी चीज हैं वाक्य की रचना..........



यहाँ तक हमने जो समझा उस पर आधारित एक समीकरण हम बना सकते हैं
शब्द + रचना + वाक्य



यह समीकरण गणित के उस समीकरण के समान है जैसे- 2 + 2 = 4


दुनिया के किसी भी कोने में अगर दो मिलाएंगे तो उसका जवाब चार ही होगा, चार के अलावा कुछ भी नही, हो  



उसी प्रकार सही शब्द और सही रचना का संयोग एक सही वाक्य ही होगा और कुछ नहीं और वाक्स आऩे के बाद लिखना बोलना तो आएगा ही 


क्योंकि लिखने बोलने के लिए वाक्य के अलावा किसी दूसरी चीज की जरूरत नही हैं......



लिखने बोलने के लिए वाक्यों की जरूरत हैं, जब मैं यह कहती हूँ तो उसका अर्थ 50 वाक्य 100 वाक्य 200 वाक्य ऐसा नही हैं,


किसी भी भाषा के गिने चुने वाक्य आऩे से वह भाषा हमें आती हैं ऐसा नहीं कह सकते, 


लेकिन हिंदी का कोई भी वाक्य आपको अंग्रेजी मे आता हो तो आपको अंग्रेजी आती है ऐसा ही कहना होगा, और यही आपको इस वेबसाइट में सीखना हैं..



आपको जहाँ जाना है उस जगह का नाम हैं वाक्य

एक बार फिर ध्यान दीजिए- सिर्फ गिनती के वाक्य नहीं, कोई भी वाक्य


वाक्यों के अध्ययन की शुरूआत वाक्यों के प्रकार से करनी चाहिए.....तो चलिए अगले पोस्ट में वाक्यों के प्रकार आपको देखने को मिलेगा...


उत्तर -

  •  1- queue,
  •  2- woolen, 
  •  3- grammar, 
  •  4- bouquet, 
  •  5- despair, 
  •  6- when were you born, 
  •  7- how should this have been done? 
  •  8- this couldn't have been done without your help. 
  •  9- I couldn't do this without your help. 
  •  10- what do you do?

वाक्यों के प्रकार


वाक्यों के मुख्य चार प्रकार होते हैं - सिर्फ चार


जो भी वाक्य आप बोलते हैं वह चार में से किसी एक  प्रकार में आता हैं. इसका मतलब हैं कि आपको बोलने के लिए जरूरत हैं सिर्फ चार प्रकार के वाक्यों की.


और अगर आपने एक बार खुद यह देख लिया के इन चारों प्रकार के वाक्यों को अंग्रेजी में बनाना कितना आसान हैं तो फिर मुझे आपको अगल से यह बताने की जरूरत नही होगी कि अंग्रेजी बोलना भी आसान हैै.


क्योंकि आप पहले ही जान गए हैं कि बोलने के लिए लगते हैं वाक्य- इसलिए वाक्य आसान तो बोलना आसान....



अब वाक्यों के प्रकार देखिए-

  • कथनवाचक वाक्य (assertive sentence)
  • प्रश्नवाचक वाक्य ( introgative sentence )
  • आज्ञावाचक वाक्य ( imperative sentence )
  • विस्मयादिबोधक वाक्य ( exclamatory sentence )


इसके अलावा सकारात्मक वाक्य ( Affirmative sentence ) और नकारात्मक वाक्य ( Negative sentence ) ये प्रकार आपने सुने होगें,  लेकिन ये वाक्यों के मुख्य प्रकार नहीं हैं.



क्योंकि कथनवाचक वाक्य ही सकारात्मक अथवा नकारात्मक हो सकता हैं. 


प्रश्नवाचक वाक्य भी सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता हैं.


जैसैे आपने पूछा कि कौन आया?  तो यह वाक्य सकारात्मक हुआ, और कौन नहीं आया? यह वाक्य नकारात्मक हुआ, अंततः दोनों वाक्य प्रश्नवाचक ही हैं,


इसी प्रकार आज्ञावाचक वाक्य भी सकारात्मक अथवा नकारात्मक हो सकता हैं .


अतः वाक्यों के प्रकार हैं चार. अब इन चार प्रकार के वाक्यों के बारे में हमें धीरे धीरे सभी जानकारी हासिल करनी हैं....


वाक्यों के दृष्टिकोण से अब प्रारंभ होने वाला अगला अध्याय बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस अगले अध्याय का नाम हैं..........

काल तथा उनके प्रकार


काल के तीन प्रकार होते हैं, वे हैं

  • Present tense  वर्तमानकाल
  • Past tense  भूतकाल
  • Future tense भविष्यकालॉ



अब में आपको हिन्दी के दो वाक्य बताती हूँ, इन वाक्यों का आपकों काल पहचानना हैं,


लेकिन सिर्फ इतना ही पहचानना है कि वाक्य वर्तमान का है या भूतकाल का या भविष्य का इसके अलावा भी काल पहचाना जा सकता हैं,


अपूर्ण काल, पूर्ण काल ऐसे शब्द आपने सुने ही होंगे, लेकिन फिलहाल सिर्फ वर्तमानकाल, भूतकाल या भविष्यकाल इतनी ही बताइए, वाक्य  देखिएं-

  • मैं अंग्रेजी सिखाता हूँ.
  • मैं अंग्रेजी सिखा रहा हूँ.


आपको इन वाक्यों का काल पहचानने में देर नहीं लगी, दोनो वाक्य वर्तमानकाल के ही हैं....


लेकिन ध्यान देने की बात यह है कि दोनो वाक्यों में क्रिया अलग अलग हैं, उदाहरणार्थ दूसरे वाक्य में क्रिया जारी हैं, और पहले वाक्य में क्रिया जारी नहीं दिखाई देती हैं.


इससे यह समझ में आता हैं कि एक काल में एक ही प्रकार की क्रिया होती हैं ऐसा नहीं हैं एक काल में अलग अलग प्रकार की क्रियाएँ हो सकती हैं और होती हैं, इसलिए इन तीन मुख्य कालों के उपप्रकार बने हैं,


प्रत्येक काल के चार चार उपप्रकार होते हैं, उनकेनाम इस प्रकार से हैं नीचे देखे-

  • Simple tense सामान्य काल
  • Continuous tense अपूर्ण काल
  • Perfect tense  पूर्ण काल
  • Perfect continuous tense पूर्ण निरन्तर काल



अभी आपने देखा कि प्रत्येक काल  के चार उपप्रकार हैं, इसका अर्थ यह हुआ कि वर्तमान के चार प्रकार है, भूतकाल के चार प्रकार है, और भविष्यकाल के चार प्रकार हैं...


वर्तमानकाल के चार प्रकार- 

  • सामान्य वर्तमानकाल
  • अपूर्ण वर्तमानकाल
  • पूर्ण वर्तमानकाल
  • पूर्ण निरन्तर वर्तमान काल



भूतकाल के चार प्रकार-

  • सामान्य भूतकाल
  • अपूर्ण भूतकाल
  • पूर्ण भूतकाल
  • पूर्ण निरन्तर भूतकाल



भविष्यकाल के चार प्रकार-

      • सामान्य भविष्य काल
      • अपूर्ण भविष्यकाल
      • पूर्ण भविष्यकाल
      • पूर्ण निरन्तर भविष्यकाल


      यानी कुल मिला कर बारह उपप्रकार हुए...



      इन बारह उपप्रकारों में से तीन सामान्य काल हैं ( सामान्य वर्तमानकाल, सामान्य भूतकाल, सामान्य भविष्यकाल ) और तीन अपूर्ण काल हैं, और तीन पूर्ण काल हैं और शेष तीन पूर्ण निरन्तर काल हैं...



      इन बाहर कालों का अध्ययन हम चार वर्तमानकाल, चार भूतकाल और चार भविष्यकाल इस क्रम में करने बजाय तीन सामान्य, तीन अपूर्ण, तीन पूर्ण और तीन पूर्ण निरन्तर इस तरह करेंगे, यह क्रम काल समझने के लिए अधिक सुविधाजनक होगा....




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