गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

सरकार क्या हैं sarkar kya hai | सरकार के प्रकार


सरकार क्या हैं Sarkar kya Hai

sarkar kya hai

 sarkar kya hai (Types of Government)

जिस संगठित या जनसूह द्वारा राज्य के कार्य व्यवस्थित रूप से चलते हैं, उसे सरकार कहते हैं। सरकार के बिना न तो राज्य की व्यवस्था हो सकती है और न उसके कार्य ही पूरे हो सकते हैं।
  • हर एक देश को विभिन्न निर्णय लेने एवं काम करने के लिए सरकार की जरूरत होती है। ये निर्णय कई विषयों से संबंधित हो सकते है जैसे सड़के और स्कूल कहाँ बनाए जाएँ बहुत ज्यादा महँगाई हो जाने पर किसी चीज के दाम कैस घटाए जाँ अथवा बिजली की आपूर्ति को कैसे बढ़ाया जाए?
  • सरकार कई सामाजिक मुद्दों पर भी कार्यवाही करती है। उदाहरण के लिए सरकार गरीबों की मदद करने के लिए कई कर्यक्रम चलाती है। इनके अलावा वह अन्य महत्वपूर्ण काम भी करती है, जैसे डाक एवं रेल सेवाएँ चलाना।
  • सरकार का काम देश की सीमाओं की सुरक्षा औऱ दूसरे से शान्तिपूर्ण संबंध बनाए रखना भी है। उसकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि देश के सभी नगारिकों को पर्याप्त भोजन और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ मिले।
  • अब प्राकृतिक विपदा घेरती है जैसे सुनामी औऱ भूकम्प तो मुख्य रूप से सरकार ही पीड़ित लोगों को सहायता प्रदान करती है। अगर कहीं की विवाद होता है या कोई अपराध करता है तो लोग न्यायालय जाते है। न्यायालय भी सरकार का ही अंग है।

सरकार एवं कानून

  • सरकार कानून बनाती है और  देश में रहने वाले सभी लोगों को वे कानून मानने होते हैं।
  • केवल यही वह तरीका है जिससे सरकार काम कर सकती है।
  • सरकार के पास जैसे कानून बनाने की ताकत होती है वैसे ही यह ताकत भी है कि लोगों को कानून मानने के लिए बाध्य करें।
  • उदाहरण के लिए एक कानून है कि गाड़ी चलाने वाले के पास लाइसेंस होना चाहिए।
  • अगर कोई लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाए तो उसे जेल की सजा काटनी पड़ती है यह  जुर्माना भरना पड़ता हैं।
  • सरकार जो कार्यवाही कर सकती है, उसके अलावा अगर लोगों को लगे कि किसी कानून का ढंग से पालन नहीं हो रहा है तो वे भी कुछ कदम उठा सकते हैं।
  • उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति को यह लगे कि उसको उसके धर्म या उसकी जाति के कारण किसी नौकरी में नही लिया गया, तो वह न्यायालय जा सकता है और यह दावा कर सकता है कि कानून का पालन नही हो रहा है। तब न्यायालय आदेश देगा कि क्या कदम उठाने की जरूरत है।
  • भारत एक लोकतन्त्र है।
  • लोकतन्त्र में मूलभूत विचार यह है कि लोग नियमों को बनाने में भागीदार बनकर खुद ही शासन करें।
  • आज के समय में लोकतान्त्रिक सरकार को प्रायः प्रतिनिधि लोकतन्त्र कहते है।
  • प्रतिनिधि लोकतन्त्र मे लोग सीधे भाग नही लेते हैं बल्कि चुनाव की प्रक्रिया के द्वारा अपने प्रतिनिधि को चुनते है।
  • ये प्रतिनिधि मिलकर सारी जनता के लिए नर्णय लेते है।

सरकार के स्तर

  • दरअसल सरकार अगल अगल स्तरों पर काम करती है। स्थानीय पर राज्य के स्तर पर एवं राष्ट्रीय स्तर पर।
  • स्थानीय स्तर का अर्थ गाँव, शहर यो मोहल्ले से है। राज्य स्तर का मतलब है जो पूरे राज्य ध्यान में रखे, जैसे हरियाणा या असम की सरकार पूरे राज्य कें काम करती है। राष्ट्रीय स्तर की सरकार का संबंध पूरे देश से होता है।

सरकार के प्रकार (Types of Government)

  • सरकार को निर्णय लेने और कानून का पालन करवाले यानि उन्हें बाध्य बनाने की शक्ति कौन देता है? प्रश्न का उत्तर इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश में कैसी सरकार है। लोकतन्त्र मे तो लोग ही सरकार को यह शक्ति प्रदान करते है। लोग ऐसा चुनाव के माध्यम से करते है। वे अपने पसंद के नेता को वोट देकर चनते है। एक बार चुन लिए जाने के बाद यह लोग सरकार बनाते है।
  • लोकतन्त्र में सरकार को अपने निर्णयों एवं उठाए गए कदमों का आधार बताना होता है औऱ सफाई देनी होती है।
  • एक दूसरी तरह की सरकार होती है जिसे राजतन्त्रीय सरकार कहते है। इसमें राजा या रानी के पास निर्णय लेने और सरकार चलाने की शक्ति होती है। राजा के पास सलाहकारों का एक छोटा सा समूह होता है जिससे वह विभिन्न मद्दों पर चर्चा कर सकत है। अन्तिम नर्णय लेने की शक्ति उसी के पास रहती है। लोकतन्त्र के समान राजतन्त्र में राजा रानी को अपने निर्णय के आधार नही बताने पड़ते है और न ही अपने निर्णयों की सफाई देनी पड़ती है।
  • जब शासन कुछ कुलीन और बुद्धिमान लोगों के हाथों में रहता है, तो उसे कुलीन तन्त्र कहा जाता है। कुलीन तन्त्र का जन्म किसी अत्याचारी शासक से जनता को उबारने के लिए होता है।
  • जब सरकार की सम्पूर्ण शक्ति किसी एक व्यक्ति या दल में निहित होती है और राज्य का सर्वेसर्वा होता है, तो ऐसी सरकार को तानाशाही सरकार कहते है।



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